आत्मनिर्भरता की ओर कदम डिजिटल और कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से अब युवतियाँ अपने पैरों पर खड़ी हो रही हैं। अब आसानी से महिलाए रोजगार प्राप्त कर सकती है |

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                   डिजिटल गर्ल्स हब (Digital Girls Hub – DGH)

डिजिटल गर्ल्स हब एक विशेष पहल है जिसका उद्देश्य 18–29 वर्ष की युवतियों को डिजिटल सशक्तिकरण, सामाजिक सुरक्षा और रोजगार के अवसरों से जोड़ना है। यह पहल ग्रामीण और दूरदराज़ क्षेत्रों की महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण, सरकारी योजनाओं से जुड़ाव और नौकरी दिलाने में मदद करती है।





प्रमुख साझेदार (Key Stakeholders)

  1. CSC (Common Service Centre)
    ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाएँ देने वाली संस्था।
    • VLE (Village Level Entrepreneur) के माध्यम से प्रशिक्षण, सामाजिक सुरक्षा और प्लेसमेंट की व्यवस्था।
  2. UNICEF
    • इस पहल को रणनीतिक दिशा, तकनीकी सहायता और मॉनिटरिंग सपोर्ट प्रदान करता है।
    • महिलाओं को डिजिटल स्किलिंग और सामाजिक सुरक्षा से जोड़ने में सहयोग।
  3. YuWaah (Generation Unlimited India)
    • युवाओं को शिक्षा और स्किल से जोड़ने वाला प्लेटफॉर्म।
    • YouthHub और Passport to Earning जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से स्किलिंग और जॉब अवसर उपलब्ध कराता है।

भाग लेने वाले राज्य

चयनित CSC केंद्रों के माध्यम से यह कार्यक्रम इन राज्यों में चलाया जा रहा है:

  • ओडिशा
  • राजस्थान
  • झारखंड

कार्यक्रम का विज़न






11,000 महिलाओं को सशक्त बनाना, उन्हें प्रदान करके:

  • स्किलिंग (कौशल प्रशिक्षण)
  • सोशल प्रोटेक्शन (सरकारी योजनाओं से जुड़ाव)
  • जॉब अवसर (रोजगार सहायता)



अनिवार्य सेवाएँ (Mandatory Services)

  1. Skilling Services
    • Passport to Earning (P2E) के माध्यम से डिजिटल स्किल प्रशिक्षण।
  2. Social Protection
    • सरकारी योजनाओं में नामांकन जैसे:
      • e-Shram Card
      • e-PAN Card
  3. Placement Services
    • सीधे या प्लेसमेंट पार्टनर के माध्यम से नौकरी दिलाना।




समयावधि: दिसंबर 2025 – मार्च 2026

प्रक्रिया (Processes Involved)

मुख्य पात्र

  • VLEचयनित उद्यमी जो युवतियों को जोड़ते हैं।
  • Learners – 18–29 वर्ष की महिलाएँ।
  • Placement Partnerनौकरी दिलाने में सहयोगी संस्था।

Digital Girls Hub की यात्रा (Journey)

  1. VLE द्वारा महिलाओं को जोड़ा जाता है।
  2. प्रशिक्षण (Skilling) पूरा कराया जाता है।
  3. नौकरी के लिए इंटरव्यू और चयन प्रक्रिया।
  4. Social Protection दस्तावेज़ (e-Shram, e-PAN) बनवाए जाते हैं।
  5. UNICEF द्वारा सभी चरणों का सत्यापन।
  6. सत्यापन के बाद VLE भुगतान प्रक्रिया शुरू होती है।



प्लेसमेंट की विस्तृत यात्रा
  1. VLE-PP मैपिंग
  2. आधार आधारित पंजीकरण
  3. YouthHub पर कोर्स चयन
  4. P2E के माध्यम से स्किलिंग और सर्टिफिकेशन
  5. जॉब प्रोफाइल और CV बनाना
  6. इंटरव्यू और ऑफर लेटर
  7. थर्ड पार्टी वेरिफिकेशन (TPVA)
  8. सोशल प्रोटेक्शन टैगिंग
  9. दस्तावेज़ सत्यापन

YouthHub Skilling Journey

  1. DSP Dashboard पर नया पंजीकरण
  2. आधार प्रमाणीकरण
  3. प्रोफाइल बनाना
  4. स्किलिंग पाथवे में नामांकन
  5. P2E में लॉगिन कर कोर्स पूरा करना



 

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